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Special (221)

વર્ષોથી માનવી પોતાના સ્વાસ્થ્યને માટે ઝઝુમી રહ્યો છે અને તેને લઈને અત્યાર સુધીમાં આરોગ્યને લગતી જુદી જુદી ચિકિત્સાપદ્ધતિઓ જેવી કે એલોપથી, હોમિયોપથી, આયુર્વેદ, યુનાની વગેરેની શોધો થઈ. પણ નેચરોપથી(કુદરતી સારવાર) એ માનવીનાંઅસ્તિત્વ જેટલી જુની પદ્ધતિ છે. જે પાંચ તત્ત્વો- પૃથ્વી, જળ, તેજ, વાયુ અને આકાશથી આપણું શરીર બન્યું છે, એજ તત્ત્વો દ્વારાશરીરની સારવાર એનું નામ નેચરોપથી. ફળો, તાજા શાકભાજી વગેરેનો યથાયોગ્ય ઉપયોગ, નિયમિત રીતે દર મહિને ઉપવાસ કરવાઆદિ નેચરોપથીની પાયાની વાત છે. શરીરના સારા સ્વાસ્થ્ય માટે નિયમિત ઉપવાસ કરવાના વિષય પર તો જાપાનના યોશિનોરીઓહસુમી સાયન્ટિસ્ટને ૨૦૧૬નું નોબેલ ઈનામ પણ મળેલ છે.

          રોગ નિવારણની આધુનિક ચિકિત્સા પદ્ધતિથી થાકેલા, હારેલા અને નિરાશ લાખો દર્દીઓએ ગુમાવેલું સ્વાસ્થ્ય પાછું મેળવવા અનેઆજીવન સ્વસ્થ રહેવા રોગમુક્તિના રાજમાર્ગ સમાન ‘નેચરોપથી’ ચિકિત્સા પદ્ધતિ તરફ વળી રહ્યા છે. કબજિયાતથી કેન્સર જેવાહઠીલા રોગો પર પણ આ પદ્ધતિ સફળ પુરવાર થયેલી છે.

 ‘નેચરોપથી’ ચિકિત્સા પદ્ધતિની વિશેષ જાણકારી માટે ‘આર્ષ’ અક્ષરધામ, ગાંધીનગર દ્વારા આર્ષ ત્રૈમાસિક પ્રવચનમાળા અંતર્ગતતા.૨૩/૦૩/૨૦૧૯ને શનિવારે સાંજે ૦૪-૩૦ થી ૦૭-૦૦ કલાક દરમ્યાન અક્ષરધામ હરિમંદિર ખાતે “નેચરોપથી - સ્વસ્થ રહોમસ્તરહો વિષય પર આ ક્ષેત્રનો બહોળો અનુભવ ધરાવનાર અને કેટલાક અસાધ્ય રોગોના દર્દીઓને રોગમુક્ત કરનાર નિહાર આરોગ્ય મંદિર, અમદાવાદના આયુર્ગુરુ શ્રી મુકેશભાઈ પટેલના પ્રવચનનું આયોજન કરવામાં આવેલ છે.

  આ પ્રવચનનો લાભ લેવા સુજ્ઞ નાગરીકોને ભાવભર્યું નિમંત્રણ છે. 

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ओम प्रकाश 
 
पिछले कुछ सालों में भोजपुरी सिनेमा और मनोरंजन उद्योग अश्लीलता का पर्याय बन गया है। संवादों में द्विअर्थी शब्दों की तो भरमार है ही, गाने और उनका चित्रण पोर्नोग्राफी से भी बुरा हो गया है। कोई भी शब्द हों, चाहे आकाश- पाताल की बात हो रही हो, कैमरा स्त्री की चोली, घाघरा, उसकी कटि और नितम्ब पर ही घूमेगा। कुल एक ही दृष्टि है कि कसम से, औरत की देह बस रसगुल्ला है ।  स्त्रियों को बड़ी बेहूदगी से वस्तु समझा और वस्तु बनाया जा रहा है। 

इसका भाषा-साहित्य, समाज और संस्कृति पर बड़ा बुरा असर पड़ रहा है। अभी हाल में ही, २० फरवरी को सहरसा में कामुकता के पिशाचों ने एक युवा नर्तकी की गोली मार कर हत्या कर दी गयी। उस समय वह ` पियवा से पहिले हमार रहलू ' गा रही थी।  पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखण्ड मिला कर हर साल दर्जनों ऐसी घटनाएं होती हैं।  मर्यादाएं टूटी हैं।  लोकलाज ख़त्म हुआ है। लोक गीत-संगीत, नृत्य, प्रहसन भी बिगड़े हैं। सामाजिक विरेचन के लिए होली आदि के अवसरों पर यदि कहीं कोई हंसी-ठिठोली-अबीर-कबीर आदि था, तो उसे भी उसके उपयोग और बोध से वंचित करके ,केवल घिनावना और घृणास्पद बना दिया गया है। इन सबने  मिल कर जैसे भोजपुरी समाज की मनोरचना ही भंग कर दिया हो। मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड के सिलसिले में टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोसाइल साइंसेज ने जब यह जांच रपट दी कि बिहार में कोई भी ऐसा शेल्टर होम नहीं है जहां लड़कियों का यौन शोषण न किया जाता रहा हो तो. देश के लिए वह रपट कंपा देने वाली थी, लेकिन बिहार के लिए नहीं। 
 
बिहार तो अभी भी जो चल रहा था, उसी पर चल रहा है।  ३ मार्च को अभी पटना में एनडीए की संकल्प रैली हुई।  कहते हैं, भाषणों के पहले श्रोताओं को ऑर्केस्ट्रा डांस ही दिखाया गया। अश्लीलता के खिलाफ जुलाई २०१८ में हमारी संस्था पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान ने भी एक अभियान शुरू किया था।  इसमें हम ऑनलाइन दस्तखत करके उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखण्ड, तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को अश्लीलता रुकवाने का ज्ञापन भेज रहे थे। यह ज्ञापन हम महिला-बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री को भी भेज रहे थे। कल्पना कीजिए, उस विद्रूप की कि जिन श्रीमती मंजू वर्मा से हम अश्लीलता रुकवाने की फरयाद कर रहे थे, मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड में वे खुद अभियुक्त हैं।  मैल इतनी गहरी है। 
 
मनोरंजन उद्योग की यह गिरावट भोजपुरी सिनेमा से आयी, और देखते-देखते कैसेट,  म्यूजिक एलबम्स , डीजे और ऑर्केस्ट्रा नाचों में जमीन तक पसर गयी। विज़ुअल होने से फिल्मों का असर बड़ा होता है, उससे ग्लैमर और स्टारडम भी जुड़े होते हैं, इसलिए फ़िल्में समूचे मनोरंजन उद्योग के लिए मानक सेट करने लगती हैं। भोजपुरी मनोरंजन उद्योग पर भी भोजपुरी फिल्मों का असर पड़ा।  लेकिन भोजपुरी फ़िल्में कोई स्वतः स्फूर्त नहीं थीं।  १९ ६०-६२ के दौर में, और फिर १९ ७५-८० के दौर में वे ऐसे लोगों द्वारा बनाई गयी थें, जिनकी हिंदी सिनेमा में भी थोड़ी-बहुत पहुँच,थी, और जिनके मानक और जिनकी आकांक्षा हिंदी सिनेमा से ही तय होते थे।  
लेकिन भोजपुरी फिल्मों का १९९०-९२ में जब तीसरा दौर शुरू हुआ तो एक तो उसमें हाथ-पाँव मारने के लिए हिंदी सिनेमा के भोजपुरी भाषी निर्माता, निर्देशकों, कलाकारों आदि की भारी तलछट जमा थी, दूसरे,८०-९० के दशक में पूर्वांचल में राजनीति, अफसरशाही, ठेकेदारी और माफिया के गंठजोड़ से नवधनाढ्यों की जो पंगत बनी, भोजपुरी फिल्मों के २०-२५ लाख की सस्ती लागत में ही बन जाने से उसका भी भोजपुरी फिल्मों की ओर धावा हुआ। 
 
ट्रेन्ड, अनट्रेंड हर तरह के लोग  इकठ्ठा हो गए। गुणवत्ता की कमी के कारण इन सभी को सफलता का एक ही फार्मूला मिला--अश्लीलता, सॉफ्ट पोर्न।  ९३-९४ तक पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखण्ड के बाज़ार गंदे कैसेटों, एलबम्स और ऐसी ही फिल्मों और वीडियो से भर उठे। अच्छे दर्शकों, परिवारों ने भोजपुरी सिनेमा देखने थिएटर जाना बंद कर दिया। भोजपुरी गीत-संगीत की भी यही स्थिति हो गयी।  इसने भोजपुरी मनोरंजन उद्योग को अश्लीलता के गर्त में और नीचे, और नीचे तक  गोते लगाने को मज़बूर कर दिया। जगह-जगह खुल आये रिकॉर्डिंग स्टूडियोज ने हालात और बिगाड़े। स्थिति अब यह है कि अब ये फ़िल्में, गीत-संगीत सब घोषित तौर पर चवन्निया क्लास के लिए गाये-बनाये जाते हैं, और इसी घटियापने को समूचे भोजपुरी समाज के माथे पर लीप दिया गया है। 
 
ऐसी परिस्थिति में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को ज़्यादा सतर्क रहना चाहिए था। फिल्मों के प्रमाणन की जब बात उठी तब अभिव्यक्ति की आज़ादी और कलात्मकता पर कोई रोक न लगे, इसकी खूब चर्चा हुई थी। लेकिन तय यह हुआ था कि विजुअल का प्रभाव बहुत गहरा होता है।  निर्माता लागत वसूलने और कमाई करने के लिए अश्लीलता वगैरह का रास्ता अपना सकते हैं। जो लोगों के दिलो-दिमाग पर, ख़ास कर बच्चो के मन-मस्तिष्क पर बुरा असर डालेगा। पुलिस के पास उसके अपने इतने काम हैं कि वह स्वतः संज्ञान लेकर अश्लीलता आदि की जांच करे, यह संभव नहीं हो पायेगा।  इसलिए फिल्मों को सेंसर करना जरूरी माना गया और इसके लिए सेंसर बोर्ड बनाया गया।    
 
भारतीय दंड संहिता में अश्लीलता और अभद्रता को लेकर जो मापदंड हैं, सेंसर बोर्ड के सामने भी वही रहे। लेकिन लोक मर्यादा और लोक संवेदना पर जोर दिया गया।  कहा गया कि फ़िल्में समाज के मूल्यों और मानकों के प्रति उत्तरदायी और सम्वेदनदशील रहेंगी।  साफ़-सुथरा और स्वस्थ, कलात्मक, गुणवत्तावाला मनोरंजन देंगी।  अशिष्टता , अश्लीलता और दुराचारिता द्वारा मानवीय संवेदनाओं को चोट नहीं पहुँचाया जाएगा।  नीच प्रवृत्तियों को बढ़ावा देनेवाले संवाद नहीं रखे जाएंगे।  महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार का तिरस्कारपूर्ण भाव रखनेवाला  या उन्हें बदनाम करनेवाले कोई भी दृश्य नहीं रखा जाएगा।  ये सब नियम-कायदे और उद्देश्य रखे गये। इसने सेंसर बोर्ड को एक उच्च धरातल पर बैठाया।  लेकिन, इन सबके बावजूद भोजपुरी फिल्मों में `कमरिया करे लप -लप, हो लॉलीपॉप लागे लू' छा गया है। 
 
ऐसा नहीं कि सेंसर बोर्ड इस समस्या से कभी अनजान रहा हो।  २०११ में तो तब की अध्यक्ष लीला सैम्सन ने खुद ही आवाज बुलंद की कि भोजपुरी गाने पोर्नोग्राफी जैसे हो गए हैं।  उनके बाद के अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने भी यही बात कही, और निर्देश दिया कि जिन फिल्मों को वयस्कों के लिए का सर्टिफिकेट दिया गया है, उन्हें बाद में फेर-बदल करके सबके देखने लायक का सर्टिफिकेट न दिया जाए।  अब बोर्ड की सदस्य वाणी त्रिपाठी टिक्कू कह रही हैं कि भोजपुरी सिनेमा का सारा का सारा कंटेंट ही चिंता का कारण बन गया है। 
 
लेकिन कार्रवाई? वह कभी नहीं हुई । स्क्रीनिंग समिति में आईबी मिनिस्ट्री ने राजनीतिक कार्यकर्ताओं या पहुँच-पैरवी वालों को भर दिया है।  अफसरशाही में भ्रष्टाचार भरा है। फ़िल्में पास कराने के एजेंट्स हैं। और बोर्ड के जो बड़े लोग हैं, सेलिब्रिटीज, वे अपने में मगन और लगन हैं। पूरे पूर्वांचल में भोजपुरी फिल्मों में फ़ैली अश्लीलता के खिलाफ आंदोलन चल रहा है, लेकिन बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी और उसके माननीय सदस्यों वामन केंद्रे, नरेंद्र कोहली, विद्या बालन, नरेश चंद्र लाल. नील हर्बर्ट नॉन्गकिंरिह जैसे लोगों को इतना भी उचित नहीं लगा है कि इस मामले में उनके भी श्रीमुख से कोई अलफ़ाज़ निकलें। तथाकथित सभ्य और संवेदनशील, संस्कृति के पोषक समाज की यह निंदनीय चुप्पी सेंसर बोर्ड को भी अश्लीलता, अभद्रता, दुराचारिता फ़ैलाने के मामले में सह अभियुक्त बना देती है। इन प्रसून जोशियों से बेहतर तो निरहुआ जैसे लोग हैं, जिन्हें सुध आयी है, और जो अब फेसबुक पर लाइव होकर कह रहे हैं कि वे अब अश्लीलता नहीं बरतेंगे।    
( लेखक भोजपुरी मनोरंजन उद्योग में फ़ैली अश्लीलता के खिलाफ अभियान चला रही संस्था पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान के सचिव  हैं. )  
 
 
१. अश्लीलता विरोधी अभियान की शुरुआत।  २८ जुलाई २०१८।  मुंबई मलाड की सभा में श्री कृपा शंकर सिंह व् अन्य 
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स्त्री शक्ति को सशक्त किए बिना किसी भी राष्ट्र-समाज का सम्पूर्ण विकास संभव नहीं: फतेहसिंह चौहाण, चेयरमैन लायंस क्लब ऑफ सिलवासा चैरिटेबल ट्रस्ट

इस वर्ष कन्या रत्न की प्राप्ति करने वाली स्कूल एवं कॉलेज की 4 शिक्षिकाओं एवं महिला स्टॉफ को दिया गया १०-१० हजार की एफडी

सिलवासा। लायंस इंग्लिश स्कूल में दिनांक ८ मार्च की शाम ६:३० बजे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर्षोल्लास एवं उत्साह पूर्वक मनाया गया। विद्यालय के शिक्षकों ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी शिक्षिकाओं को सम्मानित करते हुए स्कूल एवं कॉलेज में उनके योगदान को सराहा उन्होंने अनेक प्रकार की कलाकृतियों द्वारा सभी महिलाओं के सद्गुणों को प्रस्तुत किया।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पूजा थाली सजावट, बेकार की चीजो से अच्छी चीजे बनाना, नॉन थर्मल कुकिंग, गिफ्ट रैपिंग सिलाई-कढाई एवं भारतीय नारी परिधान स्पार्धा सहित 32 स्टाल लगाए गये थे जिनके द्वारा शिक्षिकाओं ने अपने  प्रतिभा का प्रदर्शन किया। महिला दिवस पर नाट्य प्रस्तुति के द्वारा समाज में महिलाओं की अहमियत को दर्शाया गया एवं महिलाओं की मान-सम्मान करने के प्रति प्रतिबद्धता जताई गई। कार्यक्रम के दौरान विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

बेटी जन्म को प्रोत्साहन देने के लिए स्कूल प्रशासन की ओर से सराहनीय कदम उठाए गये हैं। स्कूल एवं कॉलेज की शिक्षिकाओं एवं महिला स्टाफ को बेटी जन्म पर स्कूल प्रबंधन की ओर से बालिका के नाम पर प्रति वर्ष 10 हजार रूपये की एफ.डी. की जाती है। जिसे बालिका 18 वर्ष की आयु होने पर निकाल सकती है। इस वर्ष 4 शिक्षिकाओं एवं महिला स्टॉफ को उनकी बालिका के नाम पर १०-१० हजार रूपये भविष्य के लिए जमाधन राशि अर्पित कर प्रधानमंत्री की बेटी बचाओ-बेटी पढाओ योजना को बल दिया गया। इस सराहनीय योजना को सभी स्कूलों, कॉलेजों एवं कंपनियों में शुरू किया जाना चाहिए।  

लायंस क्लब ऑफ सिलवासा चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन फतेहसिंह चौहाण ने महिला दिवस पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महिलाओं ने सर्व प्रथम अपने हक एवं अधिकार के लिए न्यूयॉर्क शहर से मार्च निकाला। जिसके बाद 1909 में अमेरिका ने इस दिन को पहला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिला के सम्मान को बहुत महत्व दिया गया है। संस्कृत में एक श्लोक है-यस्य पूज्यंते नार्यस्तु, तत्र रमन्ते देवताः. अर्थात जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। फतेहसिंह चौहाण ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री ने महिलाओं के हित में कई योजनाएं लागू किए हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। स्त्री शक्ति को सशक्त किए बिना किसी भी राष्ट्र-समाज का सम्पूर्ण विकास नहीं हो सकता है।

 

अंत में सभी को धन्यवाद देते हुए फतेहसिंह चौहाण ने अपने वक्तव्य को विराम दिया। राष्ट्रगान के पश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ। इस दौरान लायंस क्लब ऑफ सिलवासा चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन फतेहसिंह चौहाण सहित सचिव कोषाध्यक्ष विश्वेष दवे, जयेन्द्रसिंह राठोड सहित कार्यकारिणी के सदस्य, कॉलेज के प्रधानाचार्य अंबादास जाधव, स्कूल के प्रधानाचार्य पी. धनशेखरन, ए. नारायरण, स्कूल एवं कॉलेज के स्टाफ सहित मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।

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भिलाड : भिलाड स्वामीनारायण स्कूल में SSC HSC बोर्ड की परीक्षा देने पधारे अलग अलग स्कुल के करीब 2500 विधार्थीयों को पूज्य स्वामीजी के सान्निध्य में भिलाड के सरपंच श्रीमती वैशालीबेन कपिलभाई, जैन सोश्यल गृप प्रमुख तृप्तिबेन कितावत, "संगीनी गृप" प्रमुख डिम्पलबेन कितावत के साथ संगीनी गृप के तमाम सभ्यो, वर्षाबेन.पी.कितावत, आराधना चेरपसॅन किष्णासिंग परमार,विहिप के पियुषभाई शाह, कान्तिभाई कितावत, बाबूलाल चौधरी तालुका पंचायत के अल्पाबेन भंडारी, तालुका महीला मोर्चा के कल्पनाबेन गुंगलीयाने  सभी परीक्षार्थी बच्चों को कुंमकुंम तिलक लगाकर गुड साकर, बदाम खिलाकर मुंह मिठा करवाने के साथ शुभेच्छा अभिनंदन दिया । जैन समाज के नरेन्द्रभाई शाहने बदाम के लिए सहयोग दिया। साथ ही गुजराती अंग्रेजी स्कुलके दोनों आचार्यश्री के साथ पूज्य "संत" स्वरुपदास स्वामीजी ने दिप प्रांग्टिय करते हुए माँ सरस्वती की पूजा करके सभी को शुभकामनाएं दी।
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Surart: Woman’s day celebration started with difference by Nimaaya Woman’s hospital n 21st century group of hospitals in Surat . Inaugurated by Hon Textile minister Mrs Smriti Irani , who felicitated 40 women of Surat who have achieved something new , their passion defying the usual . On 8 th March the exhibition in science center of these women achievers with 5 panel discussions on different aspect have been kept. On 9 th band by special groups from Mumbai arranged in Indore stadium ( GR rhythm) n icing on cake is on 10 th Sunday morning 2000 women are running marathons (4 km n 8 km) , marathon for health ( Stree-safe , strong n smart - FOGSI logo this year) . I am leading 4 km run n daughter dr Pooja leading 8 km run ,since last one month thrice in a wk practise runs, Zumba , Pilates etc going on.!) 
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31st January, 2019: India International Centre New Delhi: The first International award function was organized by Global Organized  Research and Education Association is a global association having nine member countries including India, USA, UK, Romania, Taiwan, Oman, Egypt, Canada, Vietnam, Nepal; who honor the educationists, technologists, industrialists, business leaders and policymakers that works to create and sustain an environment conducive to the growth of Research & Education industry across the world. In this 1st International Global Outreach Research Award 2019, researchers across the world were honored for their research in different fields. In this first international award in Civil Engineering field Young Researcher Award was conferred to Miss Damyanti Govindbhai Badagha, PhD Research Scholar of S V National Institute of Technology, Surat from India.

Miss Damyanti G Badagha is working on the DEPARTMENT OF SCIENCE AND TECHNOLOGY, DST GUJCOST, India Funded MRP “Experimental Studies on High Performance Concrete Using Industrial Wastes” as a co-principal investigator; with Principal investigator Dr C D Modhera, Professor of SVNIT. Miss Damyanti G Badagha received many honors as IAAM young scientist award 2016 & same title in 2017 at ICMTech 2016, Delhi University and at ICNANO 2017, VBRI Allahabad from IAAM Sweden for her research work as a paper and presentation. She was bestowed with best paper award from World Academy of Science, Engineering and Technology, Turkey at Mumbai in February 2018. For excellence academic research and publication record of Damyanti G Badagha was conferred with Best Young Researcher National Award 2018 at Chennai on 30th May 2018. All these excellence, publications and research were considered to honor Miss Damyanti G Badagha in 1st International GOREA Award 2019.

The PADMA SHRI recipients, Professor Akhtarul Wasey from Vice Chancellor, Maulana Azad University, Jodhpur, India and Professor Dr. Ahmed A. Elngar from Beni-Suef University, Egypt were conferred the 1st International Young Researcher in Civil Engineering Award to Miss Damyanti Govindbhai Badagha from S V National Institute of Technology, Surat. Damyanti is working in the area of concrete to minimize cement consumption to save environment and manufacture concrete using waste materials for sustainable development.

Dr. Dinesh Upadhyay, Member of Governing Body (CCRYN), Ministry of AYUSH, Government of India, New Delhi inaugurated function.     Mr. Rakesh Kumar, Founder & CEO, GOREA addressed all researchers, academics, industrialist, and ministry person with appreciation words for award winners for their innovative research and contribution globally. For further information, the following may be contacted:

Mr. Rakesh Kumar,

Founder & CEO,                                           

Global Outreach Research & Education Association, India

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२६ जनवरी २०१९ के दिन एस वि एन आई टी के डिरेक्टर ड़ॉ. गाँधी के हाथो पीएचडी छात्रा दमयंती जी बड़घा को रिसर्च क्षेत्र में अद्वीतिय उपलब्धिया हांसिल करने के लिए एप्रिशिएशन मोमेंटो से सम्मानित किया गया । इंडिया इंटरनेशनल सेंटर नई दिल्ली में ३१  जनवरी, २०१९को ग्लोबल ऑर्गनाइज्ड रिसर्च एंड एजुकेशन एसोसिएशन द्वारा पहला अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया, जिसमें भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, रोमानिया, ताइवान, ओमान, इजिप्त, कनाडा,वियतनाम, नेपाल देश के सदस्य शामिल है। यह असोसिएसन शोधकर्ताओ, शिक्षाविदों, प्रौद्योगिकीविदों, उद्योगपतियों, व्यापारिक नेताओं और नीति निर्माताओं का सम्मान करते हैं जो दुनिया भर में संसोधन अनुसंधान और शिक्षा उद्योग के विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखने के लिए काम करते हैं। इस प्रथम अंतर्राष्ट्रीय ग्लोबल आउटरीच रिसर्च अवार्ड २०१९ में, दुनिया भर के शोधकर्ताओं को विभिन्न क्षेत्रों में उनके शोध के लिए सम्मानित किया गया। सिविल इंजीनियरिंग क्षेत्र में इस पहले अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार में यंग रिसर्चर अवार्ड भारत की सूरत के एस वी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की पीएचडी रिसर्च स्कॉलर मिस दमयंती गोविंदभाई बड़घा को दिया गया।

मिस दमयंती जी बड़घा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, डीएसटी  (डिपार्टमेंट ऑफ़ साइंस एन्ड टेक्नोलोजी), गुजकोस्ट भारत द्वारा वित्त पोषित माइनर रिसर्च प्रोजेक्ट  "एक्सपेरिमेंटल स्टडीज़ ओन हाई परफॉर्मेंस कॉन्क्रीट यूसिंग इंडस्ट्रियल वेस्टस " सह-प्रमुख अन्वेषक के रूप में एसवीएनआईटी के प्रो.डॉ. सी. डी. मोढेरा, के मार्गदर्शन में काम कर रही हैं। मिस दमयंती जी बड़घा को आईएएएम युवा वैज्ञानिक पुरस्कार २०१६ ICMTech २०१६ , दिल्ली विश्वविद्यालय एवं  ICNANO २०१७ में VBRI इलाहाबाद में IAAM स्वीडन की ओर से रिसर्च  पेपर प्रस्तुति के लिए दिया गया था। फरवरी २०१८  में मुंबई में वर्ल्ड एकेडमी ऑफ साइंस, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, तुर्की से सर्वश्रेष्ठ पेपर पुरस्कार के साथ उन्हें सम्मानित किया गया। 30 मई 2018 को चेन्नई ने दमयंती के उत्कृष्ट रिसर्च और प्रकाशन रिकॉर्ड के लिए उसे सर्वश्रेष्ठ युवा शोधकर्ता राष्ट्रीय पुरस्कार २०१८  से सम्मानित किया। इन सभी उत्कृष्टता, प्रकाशनों और अनुसंधानों को ध्यान में रखकर, प्रथम अंतर्राष्ट्रीय गोरिया पुरस्कार २०१९ में मिस दमयंती जी बड़घा को; पद्मश्री के प्राप्तकर्ता, कुलपति, मौलाना आज़ाद विश्वविद्यालय, जोधपुर, भारत के प्रोफेसर अख्तरुल वासे और बेनी-सूफ़ विश्वविद्यालय से प्रोफेसर डॉ. अहमद ए.एलंगर के हाथो यंग रिसर्चर इन सिविल इंजीनियरिंग अवार्ड दिया गया। यह अवॉर्ड के कार्यक्रम को डॉ. दिनेश उपाध्याय, गवर्निंग बॉडी (CCRYN) के सदस्य, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली की उपस्थिति शुरू किया गया।दमयंती पर्यावरण को बचाने और टिकाऊ कंक्रीट के निर्माण के लिए वेस्ट का उपयोग कर सीमेंट की खपत को कम करने के लिए कंक्रीट के क्षेत्र में काम कर रही है। दमयंती की इस सराहनीय उपलब्धि के लिए कॉलेज के मित्र एवं परिवार ने ढेर सारी शुभेच्छाएं व्यक्त की है।

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15th February, 2019: New Delhi: The award function of the 7th National Level Exhibition and Project Competition (NLEPC) of the INSPIRE Awards – MANAK programme was held at IIT Delhi .

Prof Ashutosh Sharma, Secretary, Department of Science and Technology lighting the lamp during the award function of 7th NLEPC – INSPIRE Awards - MANAK

Speaking on the occasion, Prof Ashutosh Sharma, Secretary, Department of Science and Technology said INSPIRE Awards – MANAK is world’s biggest competition of ideas and innovations in the world. He further added innovation is a hallmark of youth and therefore students present here should leverage every year in their life to innovate. He urged the young innovators to continue to support the programme and be a part of INSPIRE Awards – MANAK in large numbers year on year from every part of the nation. He mentioned that India is a leading economy, perhaps 2nd in the world when it comes to start-ups (more than 15000) and with programmes like INSPIRE Awards – MANAK this will further grow in years to come.

Prof Ashutosh Sharma, Secretary, Department of Science and Technology speaking during the award function of 7th NLEPC – INSPIRE Awards – MANAK

Dr P S Goel, Chairperson, NIF observed INSPIRE Awards – MANAK programme is about transforming lives and making it simpler by virtue of intervention of Science, Technology and Innovation. Dr Goel further added National Innovation Foundation – India (NIF) is committed to help creative children of the country in realization of their dreams founded on principles of innovation by virtue of their ideas.

Dr P S Goel, Chairperson, NIF speaking during the award function of 7th NLEPC – INSPIRE Awards - MANAK

Innovative students from all over the country gathered to participate in the 7th NLEPC – INSPIRE Awards – MANAK

Shri H K Mittal, Head - INSPIRE Awards MANAK, DST in his welcome address added the INSPIRE Awards – MANAK programme is witnessing its most overwhelming participation this year and it is poised to grow year on year. 

Dr Sanjay Mishra, Advisor -  INSPIRE Awards MANAK, DST shared his thoughts on how INSPIRE Awards – MANAK is touching the lives of millions of citizens across the country by empowerment linked to Science, Technology and Innovation.

Dr V Ramgopal Rao, Director, IIT Delhi expressed institute’s deepest commitment in helping the country realize its innovation potential to the fullest.

Dr Vipin Kumar, Director, NIF delivered a Vote of Thanks on the occasion and expressed his heartfelt gratitude towards the State and District Officers, Teachers, Students, parents who have come forward in large numbers in support of the programme.

On this occasion, a compendium of all innovations which were part of 7th National Level Exhibition and Project Competition (NLEPC) was released.  

Release of a compendium of all innovations which were part of 7th National Level Exhibition and Project Competition (NLEPC). From left to right: Dr Vipin Kumar, Director, NIF; Shri HK Mittal, Head – INSPIRE Awards – MANAK, DST; Prof Ashutosh Sharma, Secretary, DST; Dr PS Goel, Chairperson, NIF; Dr V Ramgopal Rao, Director, IIT Delhi & Dr Sanjay Mishra, Advisor, INSPIRE Awards – MANAK, DST

A total of sixty students were conferred with an award for their outstanding innovations. Miss Sulochana Kakodia for her innovation Fully Automatic Toilet Cleaning Machine from Madhya Pradesh, Master Sayen Akhtar Shaik for Plastic safety cap opener of LPG cylinder from Andaman and Nicobar Islands and Master Marripelli Abhishek for Paddy filling Machine from Telangana were amongst the awardees who were conferred with first, second and third prize respectively.

Miss Sulochana Kakodia from the state of Madhya Pradesh was conferred with first prize for her innovation Fully Automatic Toilet Cleaning Machine

On 14th and 15th February, 2019 the country witnessed more than 800 innovations under one roof as students from almost all States and Union Territories across the country were participating in the 7th National Level Exhibition and Project Competition under INSPIRE Awards – MANAK scheme at New Delhi.

Innovative students were conferred with an award during the 7th NLEPC – INSPIRE Awards – MANAK

The INSPIRE (Innovation in Science Pursuit for Inspired Research) Awards – MANAK (Million Minds Augmenting National Aspiration and Knowledge) is a flagship scheme of the Government of India, executed by the Department of Science and Technology (DST) and the National Innovation Foundation – India (NIF). Aligned with the action plan for "Start-up India" initiative, the scheme aims to help build a critical human resource pool for strengthening, expand science and technology system and increase the research & development base on the same by inviting students from all government and private schools throughout the country and enabling them to send their original & creative technological ideas/innovations on the same.

This year 2,87,994 ideas and innovations have been scouted with participation from all States and Union Territories of the country. Out of these, 50,279 were provided with a financial support of Rs 10,000 each for developing prototypes. After a series of DLEPC (District Level Exhibition and Project Competition) and subsequent SLEPC (State Level Exhibition and Project Competition) for those qualifying in DLEPC thereby covering more than 45000 innovations from nearly 650 districts, the stage is now set for NLEPC for those qualified in SLEPC. With the objective of bringing perfection to the prototypes being displayed by students, NIF conducted a series of mentoring workshops for students from 29 States in about two months at premier Technological Institutions of the country at 16 different locations.

Innovative students from all over the country gathered to participate in the 7th NLEPC – INSPIRE Awards – MANAK

The INSPIRE Awards – MANAK scheme is not just an award, rather it is a complete incubation programme where top ideas and innovations from NLEPC will be taken up for enterprise creation – suitable entrepreneurs will be scouted to take these innovations forward, entities will be incorporated and business operating models will be defined and executed.

NIF, an autonomous body of the Department of Science and Technology, Government of India, has been actively engaged in promoting creativity and innovation in our society. NIF has taken major initiatives to serve the knowledge-rich common man of the country. It is committed to making India innovative by documenting, adding value, protecting the intellectual property rights (IPR) of the contemporary unaided technological innovators as well as of outstanding traditional knowledge-holders and disseminating their innovations on commercial and non-commercial basis.

For further information, the following may be contacted:

Dr Vipin Kumar
Director and Chief Innovation Officer
National Innovation Foundation - India
Gandhinagar Mahudi Road,
Gandhinagar 382 650, Gujarat, India
www.nif.org.in
Email: This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.

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भिलाड श्री श्रीजी होस्पीटल में कल से जाड़ा उल्टी के एक महीला को एडमिट कीया गया था।
उन महीला की उम्र 108 साल की है जो आज भी सशक्त है और खुद चलफिर सकते हैं,
यह माझीका नाम धुलीमां श्यामजीभाई प्रजापति है। जो मुल भावनगर के रहेवासी है, हाल भिलाड के प्रेस्टिज टावर में रहते हैं।
उन्होने चार पेढी को देखते हुए अपनी तंदुरुस्त तबीयत को संभाला है। 
उनका वजन 51 किलो है और आज भी उनका डायबिटीज और बीपी नोरमल है। 
पुरी सदी को देखने वाली यह माझी को आज भिलाड के सरपंच श्रीमती वैशालीबेन कपिलभाई जादव और पियुषभाई शाह के साथ श्री श्रीजी होस्पीटल के चेरपसॅन के. कुमार त्रिवेदी ने साल पहनाकर पुष्पगुच्छ देकर सन्मान करते हुए उन्हे और लंबी आयु के लिए शुभेच्छा अभिनंदन किया ।
दो दिनों से श्री श्रीजी होस्पीटल में एडमिट धुलीबा की तमाम सवालों के साथ उनका पुरा इलाज नि:शुल्क कीया गया है।
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व्यय विभाग, वित्त मंत्रालय ने एनआईसी (GePNIC) की सरकारी खरीद प्रणाली के माध्यम से खरीद के लिए, जो की अप्रैल 2017 और मार्च 2018 के बीच किया गया था। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पुरस्कार के लिए केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली का चयन किया है, पारदर्शिता के साथ इ प्रोक्योरमेंट प्रणाली का उपयोग करके  यु टी सरकार करोडो रुपयों की बचत  कर रही हेइस अवसर पर श्री अजय साहनी सचिव MeitY ने  कहा कि पिछले वर्ष में 20 लाख करोड़ के मूल्य के लगभग 11 लाख 11000 निविदाएं मंगाई गई हैं।

श्री अजय साहनी सचिव MeitY, श्री जी सी मुर्मू ओएसडी सह सचिव,श्री संजय प्रसाद संयुक्त सचिव व्यय विभाग, श्रीमती नीता वर्मा महानिदेशक एनआईसी, श्री नागेश शास्त्री उपमहानिदेशक और एचओजी इप्रोक्योरमेंट एनआईसी हेड क्वार्टर, श्री के श्रीनिवास राघवन राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी एनआईसी तमिलनाडु राज्य, श्रीमती उषा सक्सेना वरिष्ठ तकनीकी निदेशक और एचओडी इप्रोक्योरमेंट डिवीजन एनआईसी हेड क्वार्टर और विभिन्न गणमान्य व्यक्ति और अन्य वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

श्री उत्पल एन मेहता राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, डीडी एवं डीएनएच और श्री मिलिंद तलनिकर कार्यालय प्रभारी, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र दादरा और नगर हवेली, ने नई दिल्ली में इंडिया हैबिटेट सेंटर में 21 जनवरी को केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल पर दूसरी राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान यु टी के लिए पुरस्कार प्राप्त किया। केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली एनआईसी (GePNIC) की सरकारी खरीद प्रणाली के माध्यम से ई-अधिप्राप्ति करने के लिए देश में अग्रणी केंद्र शासित प्रदेश है।

सचिव MeitY ने एनआईसी द्वारा यु टी में किए गए प्रयासों की सराहना की और डीएनएच की एनआईसी टीम को बधाई दी।

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